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Sanwaria Seth Temple: मेवाड़ के ‘सांवलिया सेठ’ जहाँ भगवान बनते हैं व्यापार में हिस्सेदार

Beautiful architecture of Sanwaria Seth Temple in Mandaphia near Chittorgarh Rajasthan during sunset

मेवाड़ के प्रसिद्ध सांवलिया सेठ मंदिर (मंडफिया) की एक भव्य झलक, जहाँ हर भक्त की मुराद पूरी होती है।

राजस्थान की वीर भूमि चित्तौड़गढ़ केवल किलों और महलों के लिए ही नहीं, बल्कि अपनी गहरी आध्यात्मिक आस्था के लिए भी जानी जाती है। यदि आप मेवाड़ की यात्रा पर हैं और आपने Sanwaria Seth Temple के दर्शन नहीं किए, तो आपकी यात्रा अधूरी मानी जाएगी।

एक टूरिज्म एक्सपर्ट के तौर पर, मैंने पिछले 10 वर्षों में राजस्थान के कोने-कोने को देखा है, लेकिन जो ‘पॉजिटिव वाइब्स’ और ‘अमीरी’ का अहसास मंडफिया के इस मंदिर में होता है, वह अद्वितीय है। लोग इन्हें केवल भगवान नहीं, बल्कि अपना “बिजनेस पार्टनर” (Business Partner) मानते हैं।

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सांवलिया सेठ मंदिर का गौरवशाली इतिहास (History of Sanwaria Seth Temple)

इस मंदिर की उत्पत्ति की कहानी किसी चमत्कार से कम नहीं है। बात साल 1840 की है। लोक कथाओं और ऐतिहासिक साक्ष्यों के अनुसार, बागुंड गाँव के एक ग्वाले भोलाराम गुर्जर को एक रात सपना आया कि छापर गाँव की जमीन में तीन अद्भुत मूर्तियाँ दबी हुई हैं।

अगले दिन जब उस जगह की खुदाई की गई, तो सचमुच भगवान श्री कृष्ण की तीन अत्यंत सुंदर काली मूर्तियाँ प्रकट हुईं।

पर्यटन विशेषज्ञ के रूप में मेरा सुझाव है कि यदि आपके पास समय हो, तो इन तीनों मंदिरों के दर्शन करें, क्योंकि इन तीनों का आध्यात्मिक जुड़ाव एक ही घटना से है।

Sanwaria Seth Temple की वास्तुकला: राजस्थानी शिल्प कला का बेजोड़ नमूना

मंडफिया का यह मंदिर अपनी भव्यता के लिए पूरे भारत में प्रसिद्ध है। इसका निर्माण गुलाबी सैंडस्टोन और सफेद संगमरमर से किया गया है। मंदिर की दीवारों पर की गई नक्काशी भगवान कृष्ण की लीलाओं को जीवंत कर देती है।

जब आप मुख्य गर्भगृह में प्रवेश करते हैं, तो भगवान की सांवली (Dark-hued) प्रतिमा को देखकर आप अपनी सुध-बुध खो बैठेंगे। यहाँ की छत पर किया गया कांच का काम और चांदी के द्वार इसकी संपन्नता और भक्तों की श्रद्धा को दर्शाते हैं।

सांवलिया सेठ को क्यों कहते हैं ‘व्यापारियों का सेठ’?

यह Sanwaria Seth Temple की सबसे दिलचस्प बात है। यहाँ आने वाले भक्त भगवान को अपना व्यापारिक साझेदार मानते हैं।

Sanwaria Seth Temple Darshan Timings (दर्शन का समय)

अगर आप अपनी यात्रा प्लान कर रहे हैं, तो समय का ध्यान रखना बहुत जरूरी है। मंदिर दोपहर में विश्राम के लिए बंद रहता है।

कार्यक्रमसमय (Morning)समय (Evening)
मंदिर द्वार खुलना सुबह 05:30 AM
मंगला आरतीसुबह 05:30 AM
राजभोग आरतीसुबह 10:00 – 11:15 AM
संध्या आरती शाम 08:00 – 09:15 PM
शयन आरतीरात 11:00 PM

एक्सपर्ट टिप: राजभोग आरती के समय मंदिर में सबसे ज्यादा भीड़ होती है, लेकिन उस समय का ऊर्जा स्तर (Energy Level) अद्भुत होता है। यदि आप शांति से दर्शन करना चाहते हैं, तो सुबह 6:00 से 8:00 के बीच जाएँ।

प्रमुख त्यौहार और मेले (Festivals at Sanwaria Seth)

यूँ तो यहाँ हर दिन उत्सव जैसा होता है, लेकिन कुछ विशेष अवसर ऐसे हैं जब आपको यहाँ की रौनक देखनी चाहिए:

कैसे पहुँचें सांवलिया सेठ मंदिर? (How to Reach)

Sanwaria Seth Temple तक पहुँचना बहुत आसान है क्योंकि यह चित्तौड़गढ़-उदयपुर हाईवे पर स्थित है।

प्रमुख शहरोँ से Sanwaria Seth Temple की दूरी

शहर का नामअनुमानित दूरी (किमी में)यात्रा का समय (लगभग)
चित्तौड़गढ़40 किमी45 – 60 मिनट
उदयपुर80 किमी1.5 – 2 घंटे
भीलवाड़ा95 किमी2 घंटे
कोटा200 किमी3.5 – 4 घंटे
अहमदाबाद335 किमी6 – 7 घंटे
जयपुर350 किमी6 – 7 घंटे
जोधपुर300 किमी5.5 – 6 घंटे
इंदौर340 किमी6.5 – 7 घंटे
दिल्ली615 किमी10 – 11 घंटे
मुंबई830 किमी15 – 16 घंटे

यात्री सुविधाएं और रुकने की व्यवस्था (Accommodation)

Sanwaria Seth Temple मंडफिया अब एक सुव्यवस्थित कस्बा बन चुका है। यहाँ पर यात्रियों के रुकने की पर्याप्त व्यवस्था हैं –

यात्रा को यादगार बनाने के टिप्स

 3-दिवसीय मेवाड़ दर्शन: ऐतिहासिक और आध्यात्मिक यात्रा

Day 1: चित्तौड़गढ़ – शौर्य और बलिदान की गाथा

आपकी यात्रा की शुरुआत मेवाड़ के गौरव चित्तौड़गढ़ से होगी।

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Day 2: सांवलिया सेठ दर्शन और उदयपुर प्रस्थान

दूसरे दिन हम आपकी आस्था के केंद्र Sanwaria Seth Temple की ओर बढ़ेंगे।

Day 3: उदयपुर – झीलों की नगरी का सौंदर्य

अंतिम दिन ‘पूर्व के वेनिस’ उदयपुर के नाम।

यात्रा के लिए कुछ खास सुझाव (Expert Tips):

निष्कर्ष (Conclusion)

Sanwaria Seth Temple केवल एक धार्मिक स्थल नहीं है, बल्कि यह अटूट विश्वास और समर्पण का केंद्र है। चाहे आप मानसिक शांति की तलाश में हों या अपने जीवन में समृद्धि की कामना रखते हों, ‘सांवलिया सेठ‘ के दरबार में हाजिरी लगाने से आपकी झोली कभी खाली नहीं रहती।

तो, अगली बार जब आप राजस्थान की योजना बनाएं, तो इस ‘चमत्कारिक सेठ’ के दर्शन के लिए एक दिन जरूर सुरक्षित रखें। जय सांवलिया सेठ!

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)

सांवलिया सेठ मंदिर(Sanwaria Seth Temple) कहाँ स्थित है?

यह मंदिर राजस्थान के चित्तौड़गढ़ जिले के मंडफिया गाँव में स्थित है, जो चित्तौड़गढ़-उदयपुर हाईवे पर है।

सांवलिया सेठ को ‘सेठ’ क्यों कहा जाता है?

भक्त इन्हें अपना बिजनेस पार्टनर मानते हैं और अपनी कमाई का हिस्सा इन्हें समर्पित करते हैं, इसलिए इन्हें प्यार से ‘सेठ’ कहा जाता है।

क्या Sanwaria Seth Temple में प्रवेश का कोई शुल्क है?

नहीं, मंदिर में प्रवेश और दर्शन पूरी तरह से निःशुल्क हैं।

क्या Sanwaria Seth Temple के पास रुकने की व्यवस्था है?

हाँ, मंदिर ट्रस्ट की ओर से कई धर्मशालाएं और पास में ही प्राइवेट होटल्स उपलब्ध हैं।

Sanwaria Seth Temple जाने का सबसे अच्छा समय क्या है?

अक्टूबर से मार्च के बीच का समय सबसे अच्छा है, क्योंकि इस दौरान राजस्थान का मौसम सुखद रहता है।

क्या आप अपनी अगली यात्रा Sanwaria Seth Temple के लिए प्लान करना चाहते हैं? अगर आपके पास कोई और सवाल है, तो कमेंट में जरूर पूछें!

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